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  • Prabandhak: देली माँ मेरी कु धोली गे फुल्कंडि या गीतू की ,  कैन दिलयाये मैकू याद अरे उलराया रितु की,  कुछ ही दिन चन रयान , अब जुग जाण माँ ,  न फिर कैन बग्ड्वाल लाणो , न औणी याद कई भरना आर जीतू की   Dinesh Bijalwan
    March 14, 2013, 02:11:56 PM
  • Pankaj J: फेसबुक पाण्डेय काले कौव्वा, खाले, ले कौव्वा पूड़ी, मैं कें दे -ठुल-ठुलि या भल-भलि ले कौव्वा ढाल, दे मैं कें सुणो थाल, ले कौव्वा तलवार, बणे दे मैं कें होश्यार। – काले कौव्वा काले, मेरी घुघुती खाले।- आप सभी को मकर सक्रांति की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं
    January 13, 2013, 04:40:51 PM
  • Rajesh Joshi: .मंगलमय हो आपतैं, बल नयुं साल-2013, बद्रीविशाल जी की कृपा सी, जुगराजि रयन, हमारू कुमाऊँ- गढ़वाळ, दनकदु रयन आप, प्रगति पथ फर, चढ़दु रयन ऊकाळ,             (रचना: जगमोहन सिंह जयाड़ा "जिज्ञासु")+
    December 31, 2012, 12:06:21 PM
  • Prabandhak: "शेरदा अनपढ़" जी.. कविवर बौड़िक ऐन..  आखिर! आप कविवर, यीं धरती सी दूर, चलिग्यन, कुजाणि कख, कालजयी, कुमाऊनी कविताओं कू, सृजन करिक, अनंत की ओर.....  हमारा प्रिय स्वर्गवासी, जनकवि "गिर्दा" जी तैं, धरती का हाल बतैन, ऊँका चाण वाळौं की, विरह मा व्यथित, मन की बात बतैन, ह्वै सकु त फिर, "गिर्दा" जी का दगड़ा, नयुं शरीर धारण करिक, उत्तराखंड की धरती मा, कविवर बौड़िक ऐन..
    May 21, 2012, 02:25:47 PM
  • Prabandhak: प्रख्यात कुमाऊंनी कवि शेर सिंह बिष्ट यानि ’शेरदा अनपढ़’ का रविवार सायं निधन हो गया।  कुछ समय से बीमार चल रहे ७९ वर्षीय शेरदा ने अस्पताल में उपचार के दौरान अन्तिम सांस ली।  तीन अक्टूबर १९३३ को अल्मोड़ा के माल गांव में जन्मे शेरदा वर्तमान में हल्द्वानी की श्याम विहार कॉलोनी मुखानी में रह रहे थे।
    May 21, 2012, 09:46:48 AM
  • Prabandhak: मान्यवर   बुरांस परिवार की तरफ भटेय सादर सैमन्या अर  सेवा  श्रीमान जी  लोकभाषा (गढ़वली - कुमौनी अर जौनसारी )  की समस्या और समाधान थेय " कौथिग २०१२ " मा  मुंबई का प्रवासी उत्तराखंडी  समाज का बीच एक परिचर्चा का रूप मा ल्याणा की कोशिश मुंबई का बुरांस संगठन कु एक प्रयास ,लोकभाषा का क्षेत्र मा पिछला २५ बरसौं भटेय आंदोलनरत धाद संगठन का  " धाद लोकभाषा एकांश "  की विमर्श श्रंखला  "आखिर कनकै  बचऽलि भाषा " मा हम आप्थेय लोक भाषा प्रेमी और बुद्धिजीवी  का रूप मा आपक वैचारिऽक उपस्थिति का वास्ता  सादर न्यूतणा छौं ,   कार्यक्रम मा आपकू आणु और आप्की भागीदारी थेय बुरांस परिवार अप्डू  सौभाग्य सम्झलू  कार्यक्रम मा आप्की जग्वाल रैली  शुभकामनाओं  दगड आपकू अप्डू गीतेश सिंह नेगी जग्वाल मा :  बुरांस परिवार मुंबई ,धाद लोकभाषा एकांश व कौथिग परिवार मुंबई संपर्क सूत्र : ०८७९१५६११०८,०९६१९००४७९७
    April 23, 2012, 12:44:33 PM
  • Editor Garhwali: Mujib Naithani सेमन्या उत्तराखण्ड..बल ..अगर आपको हाई प्रोफाईल ड्रामा सिखना हो तो कांग्रेस से सीखो ..बल ..केंद्र में आते ही सौ दिन का एजेंडा कई दिन मीडिया में चला ..बल अब तो कई सौ दिन बीत गए पर एजेंडा बल पता नि कख हर्ची गे / वनी एक मंत्री दीदा आते ही हवाई फायर हो गए ये तैयार करो ...वो..बड़ी बड़ी बातें ..बल ..लम्बी लम्बी गप्प ..मुझे स्कूल की दैनिक रिपोर्ट चाहिए ..बल इन लगणु च की मंत्री दीदा पहाड़ी नि छन /बल ..किले...
    April 11, 2012, 02:30:16 PM
  • VINOD GARIYA: "कौ लाटा आण काथा, सुण काला तु , अनाड़िल घट लगाई, दौड़ डुना तु"
    December 26, 2011, 04:29:54 PM
  • Admin: नय्या पीढ़ी आपनी पछाण भुल्या धारा नौला आपना पहाड़ भुल्या  गौं में कि भुल्यु चेलो इसके बतुछ बस द्वी आँखा चार हाड भुल्या  भोट मांगन घर घर डेली उनान सब कॉल करार इन गंज्याढ़ भुल्या  "गुमनाम पिथौरागढ़ी "
    December 25, 2011, 09:49:06 AM
  • Rajesh Joshi: कुमाऊँनी रिस्त... माँ - इजा पापा - बौज्यू भाई - भै बहन - बैणि दादा, नाना - बूबू दादी, नानी - आमा चाचा - कग चाची - काखि ताई - ज्यार्ज पड़ोसी - आमा, बूबू, बोजि या पै नानतिन.. बाकि मैंस तो सब प्लेन्स जै रयीं डबल कमूणे लिजी !
    October 05, 2011, 10:09:20 PM

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Author Topic: लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी का गीत  (Read 12193 times)  Share 

Offline धनेश कोठारी

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यखमु आप नरेन्द्र सिंह नेगी का गीत पढ़ सकदन्‌।
« Last Edit: April 01, 2010, 12:44:52 AM by DHANESH KOTHARI »
मेरा ब्लॉग पवांण मा आपकू स्वागत च
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Offline धनेश कोठारी

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श्री नरेन्द्र सिंह नेगी कू गैरसैंण राजधानी कू पक्षधर गीत-

तुम बि सुणा मिन सुण्याली, गढ़वाळ ना कुमौ जाली
उत्तराखण्डै राजधानी, बल देरादूणि मा राली
दीक्षित आयोगन् बोल्याली
वूंन ब्वलण छौ बोल्याली, हमुन् सुण्ण छौ सुण्याली
या बि लड़ै लगीं राली, या बि लड़ै लगीं राली
लड़ै हमरी लगीं राली............,

राज से पैलि राजधानी, त्यै छै पर सरकार नि मानी
गढ़वाळ कुमौ का बीच, जनतान् गैरसैंण ठानी
ठाण्याली त ठाण्याली, या बि लड़ै लगीं राली
लड़ै हमरी लगीं राली............,

नौ बर्सूं मा स्ये कि जागी, धन्य हो पण्डाजी पैलागी
पैंसठ लाख रूप्या खर्चि कि, देरादूण अब खोज साकी
जनता का पैंसौं कि छर्वाळी, या बि लड़ै लगीं राली

गैरसैंण बल भ्यूंचळा कि डर, राजकाज बल कन्न कै हूण
सुख सुविधा कुछ बि नि छन वख, हमरु छंद त देरादूण
अफसर नेतौंन् सोच्याली, या बि लड़ै लगीं राली
लड़ै हमरी लगीं राली............,

अल्लकनन्दा पिण्डर घाटी, नित बगणीन् काणि नी
दीक्षित आयोगजी बोन्ना छन, गैरसैंण बल पाणि नी
यखै जल सम्पदा भैर जाली, या बि लड़ै लगीं राली
लड़ै हमरी लगीं राली............,

कांग्रेस भाजपा नि रैनी, कबि गैरसैंण का हक मा
सड़कूं मा बि सत्ता मा बि यूकेडी जकबक मा
सरकार कब तक बौगा सारली, या बि लड़ै लगीं राली
लड़ै हमरी लगीं राली............,
[/size]
« Last Edit: April 09, 2010, 10:02:58 PM by Admin »
मेरा ब्लॉग पवांण मा आपकू स्वागत च
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जय जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा उंचा कैलास की जय
रचनाकार: नरेन्द्र सिंह नेगी


जय जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा उंचा कैलास की जय
जय जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा उंचा कैलास की जय
जय बोला तेरु चौसिंग्या खाडू, तेरी छंतोळी रिंगाळ की जय
जय बोला तेरु चौसिंग्या खाडू, तेरी छंतोळी रिंगाळ की जय
जय जय बोला.......

काली कुलसारी की, देवी उफरांई की...
नंदा राज राजेश्वरी...
बगोली का लाटू की, हीत बिणेसर की
नंदा राज राजेश्वरी...
बीड़ा बधाण की, जमन सिंह जदोड़ा की, कांसुआ कुवंरुं की....
नंदा राज राजेश्वरी...
जय जय बोला, माता मैणावती, तेरा पिताजी हेमंता की जय...
जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा उंचा कैलासा की जय...
जय बोला.....

नौटी का नौट्याळूं की, सेम का सेम्वाळूं की...
नंदा राज राजेश्वरी...
देवल का देवळ्यूं की, नूना का नवान्यूं की...
नंदा राज राजेश्वरी...
देवी नंदकेसरी की, छैकुड़ा का सत्यूं की, बाराटोकी बमणूं की...
नंदा राज राजेश्वरी...
जय जय बोला दशम द्वार डोली, डोली कुरुड़ हिंडोली की जय...
जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा उंचा कैलासा की जय...
जय बोला....

डिमर का डिमर्यूं की, मलेथा मलेथ्यूं की...
नंदा राज राजेश्वरी....
तोती का ड्यूंड्यूं की, खंडूड़ा खंडूड़्यूं की...
नंदा राज राजेश्वरी....
नैणी का नैन्वळ्यूं की, गैरोळा थपल्यळ्यूं की, चेपड़्यूं का थोकदारूं की...
नंदा राज राजेश्वरी...
जय जय बोला हीत घंड्याळ, तेरा न्योज्यां निसाण की जय....
जय बोला जय भगोती नंदा. नंदा उंचा कैलासा की जय...
जय बोला

लाता की मल्यारी की, शैलेसर बनोली की...
नंदा राज राजेश्वरी....
मनोड़ा मनोड्यूं की, देवराड़ा देवरड्यूं की..
नंदा राज राजेश्वरी....
चमोळी कंड्वळूं की, चौदा सयाणों की, द्यो सिंह भौ सिंह की...
नंदा राज राजेश्वरी...
जय जय बोला तांबा का पतार, तेरा रिंगदा छतारा की जय....
जय बोला जय भगोती नंदा. नंदा उंचा कैलासा की जय...
जय बोला

नैनीताल अल्मोड़ा की, रणचूला बैजनाथ की...
नंदा राज राजेश्वरी....
कोटमाई डंगोली की, दानपुर सनेती की...
नंदा राज राजेश्वरी....
बदिया बागेसुर की, मारत्वोली जोहार की, छलमिलम मकाया की...
नंदा राज राजेश्वरी...
जय जय बोला ईष्ट देवी नंदा, नंदा कुमौ गढ़्वाळ की जय...
जय बोला जय भगोती नंदा. नंदा उंचा कैलासा की जय...
जय बोला

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तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि रचनाकार: नरेन्द्र सिंह नेगी

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि
तेरु बाटू तेरा अगाड़ि, मेरु बाटू मेरा अगाड़ि
कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या, कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या
दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या... दगड़ू नि रैणू सदानि
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि

सुख मां दुख मां मिली जुली, दिन जू गैनी वी अपड़ा
सुख मां दुख मां मिली जुली, दिन जू गैनी वी अपड़ा
मेरी उंठड़्यूं मां हैंसी तेरी, तेरु दरद मेरा जिकुड़ा...
तेरु दरद मेरा जिकुड़ा...
अपणू परायू नि जाणि दगड़्या, अपणू परायू नि जाणि दगड़्या
दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि

कांडा लग्यां ईं उमर उंद, नरकै कि गाई बिराणी सी
कांडा लग्यां ईं उमर उंद, नरकै कि गाई बिराणी सी
बगत नि रुकि हथ जोड़ी जोड़ी, बगदू राई पाणी सी...
बगदू राई पाणी सी...
पौणू सि आई या ज्वानि दगड़्या, पौणू सि आई या ज्वानि दगड़्या,
दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि

रईं सईं बि कटि जाऊ जू, यनि समळौण देजा आज
रईं सईं बि कटि जाऊ जू, यनि समळौण देजा आज
दगड़्या भोळ कख तू कख मी, आखिरी बेर भ्येंटे जा आज
आखिरी बेर भ्येंटे जा आज...
बगण दे आंख्यूं कू पाणि... दगड़्या...बगण दे आंख्यूं कू पाणि... दगड़्या
दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि

बोझ हिया कू भुयां बिसैजा, भूलीं बिसरीं छ्वीं बत लैजा
बोझ हिया कू भुयां बिसैजा, भूलीं बिसरीं छ्वीं बत लैजा
औ दगड़्या सुख दुख बांटि ल्योला, जिकुड़ी अदला बदली कैजा
जिकुड़ी अदला बदली कैजा...
दुख से हार नि मानि दगड़्या... दुख से हार नि मानि दगड़्या...
दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि


कविताकोष योगदान-- पूजन नेगी --Poojan Negi १९:२३, २३ जून २००९ (UTC)
आभार: http://www.kavitakosh.org

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गंगा जी की औत
रचनाकार: नरेन्द्र सिंह नेगी बाजूबंद लोकगीत


तराजू मां तोली लेणा, कैकी माया भौत
तराजू मां तोली लेणा, कैकी माया भौत
झंगोरा की घांण, झंगोरा की घांण
जैकी माया घनाघोरा, आंख्यूं मा पछ्याण
जैकी माया घनाघोरा, आंख्यूं मा पछ्याण
जैकी माया घनाघोरा हो.....

सड़का की घूमा, सड़का की घूमा
सड़का की घूमा, सड़का की घूमा
सदानि नि रैंदी सुवा, जवानी की धूमा
सदानि नि रैंदी सुवा, जवानी की धूमा
सदानि नि रैंदी सुवा हो......

भिरा लीगे भिराक, भिरा लीगे भिराक
भिरा लीगे भिराक, भिरा लीगे भिराक
तरुणी उमर सुवा, बथौं सी हराक
तरुणी उमर सुवा, बथौं सी हराक
तरुणी उमर सुवा हो.........

घुघुती को घोल,घुघुती को घोल
घुघुती को घोल,घुघुती को घोल
मनखि माटू ह्वे जांद, रई जांदा बोल
मनखि माटू ह्वे जांद, रई जांदा बोल
मनखि माटू ह्वे.......

गौड़ी कू मखन, गौड़ी कू मखन
गौड़ी कू मखन, गौड़ी कू मखन
दुनिया न मरि जाण, क्या ल्हिजाण यखन
दुनिया न मरि जाण, क्या ल्हिजाण यखन
दुनिया न मरि जाण.....

आभार: http://www.kavitakosh.org

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भटकणू छौं स्वर्ग मां, बाटू खोज्याणू छौं... दिदौं...
मूल रचयिता- नरेन्द्र सिंह नेगी


भटकणू छौं स्वर्ग मां, बाटू खोज्याणू छौं... दिदौं...
भटकणू छौं स्वर्ग मां, बाटू खोज्याणू छौं... दिदौं...
बीज छौं मै धरती कू माटू खोज्याणू छौं... दिदौं..
भटकणू छौं स्वर्ग मां, बाटू खोज्याणू छौं... दिदौं...
भटकणू छौं स्वर्ग मां.....

ग्वाळा पैथर ग्वाया लैकी पौंछी ग्यौं परदेस मां... पौंछी ग्यौं परदेस मां...
ग्वाळा पैथर ग्वाया लैकी पौंछी ग्यौं परदेस मां... पौंछी ग्यौं परदेस मां...
बीड़ छौ मैं पर्बतूं जांठू खोज्याणू छौं... दिदौं...
बीज छौं मै धरती कू माटू खोज्याणू छौं... दिदौं... भटकणू छौं स्वर्ग मां.....

कखड़ी मुंगरी खाजा बुखणा अब नि औंदिन गौं बिटी ... अब नि औंदिन गौं बटी...
कखड़ी मुंगरी खाजा बुखणा अब नि औंदिन गौं बिटी... अब नि औंदिन गौं बटी...
मेरु बि हक छौ यूं फरैं बांठू खोज्याणू छौं... दिदौं...
बीज छौं मै धरती कू माटू खोज्याणू छौं... दिदौं... भटकणू छौं स्वर्ग मां.....

डांडा कांठौं का भट्यौणम, गै त छौ घर बौड़ी की... गै त छौ घर बौड़ी की...
डांडा कांठौं का भट्यौणम, गै त छौ घर बौड़ी की... गै त छौ घर बौड़ी की...
रीति सूनी तिबार्यूं मां नातू खोज्याणू रौं... दिदौं...
भटकणू छौं स्वर्ग मां, बाटू खोज्याणू छौं... दिदौं...
बीज छौं मै धरती कू माटू खोज्याणू छौं... दिदौं..
भटकणू छौं स्वर्ग मां...

कविताकोष योगदान-- पूजन नेगी

--Poojan Negi १९:२०, २३ जून २००९ (UTC)
आभार: http://www.kavitakosh.org

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डामा खातीर

अबारी दा तु लम्बी छुट्टि लेकि ऐई, ऐगे बगत आखीर।
टीरि डूबण लैग्यूँ चा बेटा, डाम का खातीर।।
भेंटीजा यूँ गौला-गवींड़ों जौंमा, खेलिकी सयाणु ह्वें त्,
ग्वाया लगैनी जैं डंड्यालि जै चैंक, जाँ बाटों आणू जाणु रै तूTehri
कखन द्यखण लठ्याला त्वैन जलम भूमी या फीर
टीरि डुबुण…..।।
लसण प्याजे कि बाड़ि संगोड़ि सेरा दोखरी-पंगुड़ी
डूबि जाली पाणी मा भोला, बाब-दादों कि कुणि
आंख्यूंमा रिगणी राली सदानी, हमारी तिबारी-सतीर
टीरि डुबुण…….।।
पितरुकू बसायूँ गौऊं, सैत्यूं पाळ्यूं बण
धारा-मंगारा गुठ्यार चैक, कनुक्वैक छोड़ण
कंठ भरीक औंद उमाळ, औ बांधैजा धीर।
टीरि डुबुण……।।
हे नागराजा हे भैरों तुमारु, हमुन क्याजि ख्वाई
हे बोलांदा बदरी त्वैन, कख मुक लुकाई
हे बिधता कन रुठीनी हमुकू द्याप्तौं का मंदीर।
टीरि डुबुण……।।
रज्जाकु दरबार घन्टाघर, आमू का बग्वान
कनु डुबालो यो टीरि बजार सिंगोरियूं की दुकान
समळौण्या रै जाली भौळ साक्यूँ पुराणी जागीर।
टीरि डुबुण……।।
समझैदे अपिड़ि सरकार, द्वि चार दिन ठैरि जावा
बुझेण द्या यूँ दानि आँख्यूँ, बुढ-बुढ्यऊँ सणि मन्न द्यावा
ज्यँदि आँख्यूँन कनुक्वे द्यखण, परलैकी तसबीर।
टीरि डुबुण……।।

रचियता: नरेन्द्र नेगी
आभार: http://nainitalsamachar.in/dama-khatir-by-narendra-singh-negi-and-rajendra-rawat-raju/
 

 
 
« Last Edit: March 29, 2010, 04:53:30 PM by Girish »

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नेगी जी का गीत मेरा औन से हर्ष हो
 
मेरा औन से हर्ष हो के त होलेयो
मेरा औन से हर्ष हो के त होलेयो
ना हो मेरा जाना कु दुःख के ना हो -दुःख के ना हो ,
मेरा सुख माँ हैसना न्युतु सभी ,
मेरा दुःख मा रोना कु हक के ना हो -हक के ना हो .
मेरा औन से .................

मुलक हो परायु - मुलक हो परायु ,
ख़ुद हो तुमरी - ख़ुद हो तुमरी ,
पीड़ा हो की जो आज तक सह ना हो - आज तक सह ना हो ,
मेरा औन से ..................

बडुलीयूं मा रैबार -बडुलीयुं मा रैबार ,
भेजी नी एनी - भेजी नी एनी ,
क्या सुपिनियु मा औना कु बगत रे ना हो - बगत रे ना हो ,
मेरा औन से .................

कख अल्झी खुटी वो - कख अल्झी खुटी वो ,
कीले नी बोदी होली - कीले नी बोदी होली ,
कखी सौन्गेला बाटो ला भक्ले ना हो - भक्ले ना हो ,
मेरा औन से ..................
जवानी माटू ह्वेगे - जवानी माटू ह्वेगे
दुंगु हवे प्राण - धुंगु हवे प्राण ,
कभी सुख ऐजा त राग्रै ना हो - राग्रै ना हो ,
मेरा औन से ...................

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नेगी जी का गीत सिल्सरी बिल्सरी सार

सिल्सरी बिल्सरी सार
सिल्सरी बिल्सरी सार गाडा की सार-2
चौपथा बूते नाज उपजे खार
ह्युन्द पड़े ह्युवाली
ह्युन्द पड़े ह्युवाली ता ग्यून आंदी बाल-2
चौपथा बूते नाज उपजे खार-2
सिल्सरी बिल्सरी सार गाडा की सार चौपथा बूते नाज उपजे खार(ch..)
माथी जला भेरा बल माथी जला भेरा-2
कन भग्यान लोग जख गाड गद्न्या सेरा
गाड गद्न्या सेरा-2 (ch..)
ग्यु जाऊ का भारा बल ग्यु जाऊ का भारा-2
ये पहाड़े खेती बल सरग दीदा सारा
सरग दीदा सारा-2(ch..)
सिल्सरी बिल्सरी सार गाडा की सार चौपथा बूते नाज उपजे खार (ch..)
लास्पसी बल खीर लास्पसी बल खीर-2
बरखे जू मंगसीर ता ग्यु जाऊ अस्तीर
ग्यु जाऊ अस्तीर-2(ch..)
बनुखीले बुरुस बल बनुखिले बुरुश-2
बरखे जख पुश ता ग्यु जाऊ मा झुस
ग्यु जाऊ मा झुस-2
सिल्सरी बिल्सरी सार गाडा की सार चौपथा बूते नाज उपजे खार(ch..)
पानी पंधेराओं बल पानी पंदेराओं-2
बरखे जू मऊ ता ग्यु जाऊ की दाऊ
ग्यु जाऊ की दाऊ-2(ch..)
घास कटे बोन बल घास कटे बोन-2
बरखे जू फाल्गुन ता ग्यु जाऊ रंगून
ग्यु जाऊ रंगून-2(ch..)
सिल्सरी बिल्सरी सार गाडा की सार चौपथा बूते नाज उपजे खार(ch..)
जेट बुत्या गैथ बल जेट बुत्या गैथ-2
बरखे गे जू चैत ग्यून जाऊ की खैत
ग्यून जाऊ की खैत-2(ch..)
पानी को गिलास बल पानी को गिलास-2
बरखे गे बैसाख ता गयुं जाऊ निराश
गयुं जाऊ निराश-2(ch..)
सिल्सरी बिल्सरी सार गाडा की सार चौपथा बूते नाज उपजे खार-2(ch..)
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एक नारी की १२ मैणों की आत्मब्यथा तैं मार्मिक ढंग तैं वर्णित कर्दां नेगी जी जा गीत

बारा मैनो की बारामास गायी
घगरी फटीक घुंडियों माँ आयी २

चैत का मैना दिशा भेट होली
तेरी ब्येटुली ब्वे डब डब रोली
बैसाख मैना कोथीग कुरालु
बिना स्वामी जी का प्राण झुरोलू
बारा मैनो की.....

जेठ का मैना कोदू बूती जालू
मेरी पुन्गरियों ब्वे कु बूती आलु
आषाढ़ मैना कुयडी लोकैली
बिना स्वामी जी का कनु के कटीली
बारा मैनो की.....

सोंड का मैना कूडो चुयालो
जो पाणी भैर, भीतिर भी आलो
भादो का मैं संगरांद आली
मेरु कु च ब्वे जु मैत बुलाली
बारा मैनो की.....

अशूज मैना शरद भी आला
पितर हमारा टुक टुक जाला
कार्तिक मैना बग्वाल आली
स्वामी जौंका घौर पकोडा पकाली
बारा मैनो की.....

मंगसीर बैख ढाकर जाला
मर्च बिकैक गुड ल्वोन ल्योला
पूष का मैना झाडु च भारी
बिना स्वामी कि कु होली निर्भागी नारी
बारा मैनो की.....

माघ मॉस बीच मकरेण आली
कन होली भग्यान जु हरद्वार जाली
फागुण मैना होरी खिलेली
रसीला गीतों सुणी जिकुडा झुरोली
बारा मैनो की.....

बारा मैनो की बारामास गायी
घगरी फटीक घुंडियों माँ आयी २

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चिठ्युं का आखर अब ज्यू नि बेल मोंदा

चिठ्युं का आखर अब ज्यू नि बेल मोंदा, बुसील्या रैबार तेरा आस नी बंधौन्दा -२
ऐजदी भग्यानी, ऐजदी भग्यानी -२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२

रांका बाल बाली काली रात नि ब्याणी, मेरी रात नि ब्याणी ।
रात नि ब्याणी, मेरी रात नि ब्याणी ।
उंसी का बुंदुन चुची तीस नि जाणी मेरी तीस नि जाणी ।
तीस नि जाणी मेरी तीस नि जाणी ।
पंद्रह पचिस्या दिन सदानि नि रौंदा -२
ऐजदी भग्यानी अर..र..र..र..र.र..र..रा..
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२

रुड्युं का घामुन खैरया आंसूनी सुखदा, भगी आंसूनी सुखदा ।
आंसूनी सुखदा, भगी आंसूनी सुखद ।
जेट की बरखा न पाडु छोयां नी फ़ुटदा भगी छोरि छोयां नी फ़ुटदा ।
छोयां नी फ़ुटदा छोरि छोयां नी फ़ुटदा ।
बारमास फ़ूल खिल्यां डाल्युं मां नि रौंदा-२
ऐजदी भग्यानी छांटो रे छाटो रे छांटो छाटो..
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२


आस को आसरो तेरी खुद ज्यूणो सारो, भगी खुद ज्यूणो सारो ।
खुद ज्यूणो सारो, भगी खुद ज्यूणो सारो ।
जथा हिटूं त्वे जथैईं बाटु फारु-फ़ारु, चुची बाटु फारु-फ़ारु ।
बाटु फारु-फ़ारु, चुची बाटु फारु-फ़ारु ।
मन का मन्युल बैठ बैठि नी पुरयोंदा -२
ऐजदी भग्यानी सरर.ररर... सरको रे सरको..
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२


दिलै सूण मैन मान घंघतोल म न पोड़, भगी घंघतोल म न पोड़ ।
घंघतोल म न पोड़, भगी घंघतोल म न पोड़ ।
धाकना धरी कि अऊ खैंचताणि छोड़, छोरि खैंचताणि छोड़ ।
खैंचताणि छोड़, छोरि खैंचताणि छोड़ ।
मोल भऊ जांचि पुछी माया नी मोल्योंदा -२
ऐजदी भग्यानी सा..बा.. से साबा.. से..
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा, ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा ।
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा, ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा ।

source: http://kandpalsubhash.blogspot.com/2008/02/blog-post_29.html
 

 
 

Offline Girish

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द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख

द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )
तेरि हिकमत आजमाणूं बैरि- मुट्ट बोटीकि रख
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )

घणा डाळों बीच छिर्की आलु घाम तेरा मुल्क भी
तेरा मुल्क भी ( कोरस )
घणा डाळों बीच छिर्की आलु घाम तेरा मुल्क भी
सेक्कि पाळै द्वी घड़ी छिन हौरि- मुट्ट बोटीकि रख
सेक्कि पाळै द्वी घड़ी छिन हौरि – मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )

गर्जणा बादल, चमकणी चाल – बर्खा ह्वेकि राली
बर्खा ह्वेकि राली ( कोरस )
गर्जणा बादल, चमकणी चाल – बर्खा ह्वेकि राली
ह्वै कि रालि डांड़ि- कांठी हैरि – मुट्ट बोटीकि रख
ह्वै कि रालि डांड़ि- कांठी हैरि – मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )

सच्चु छै तू, स च्चु तेरु ब्रह्म , लड़ैं सच्चि तेरि
लड़ैं सच्चि तेरि ( कोरस )
सच्चु छै तू, स च्चु तेरु ब्रह्म , लड़ै सच्चि तेरि
झूठा दयबतोंकी किलक्वार्युंन ना डैरि- मुट्ट बोटीकि रख
झूठा दयबतोंकी किलक्वार्युंन ना डैरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )

सन इकावन बिटि ठगौंणा छिन ये त्वै सुपिन्या दिखैकि
त्वै सुपिन्या दिखैकि ( कोरस )
सन इकावन बिटि ठगौंणा छिन ये त्वै सुपिन्या दिखैकि
ऐंसु भी आला चुनौं मां फेरि- मुट्ट बोटीकि रख
ऐंसु भी आला चुनौं मां फेरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )

जों शहीदुं की चितों थें आग देकी बैठि गै तु
बैठि गै तु ( कोरस )
जों शहीदुं की चितों थें आग देकी बैठि गै तु
तों कि तस्विरुं जनें जरा हेरि- मुट्ट बोटीकि रख
तों कि तस्विरुं जनें जरा हेरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख ( कोरस )
« Last Edit: March 29, 2010, 05:01:45 PM by Girish »

Offline Girish

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नायू नायू बयो छा

नायू नायू बयो छा, नायू नायू बयो छा
हेय जिकेह बेह ना करा -2
मथू मथू जौला
नायू नायू बयो छा, मीठि मीठि छवी लागोला -2

हेय टिलेय दी घमा घम -2
सारा सारी जौला
फूक तौन लोली छवीयुँ, डेरे मा लागोला -2
नायू नायू बयो छा, मीठि मीठि छवी लागोला -2

कन कवे हिटना मीं, उचा संदला इचीं -2
उफला की पता उनी, उनी रूडीयूँ का दिन
चला ड्वे जाना एजी
चला ड्वे जाना डाला चेलू बैठी जौला
नायू नायू बयो छा, मीठि मीठि छवी लागोला -2

बंदी होसीना कर -2
हीते लेयडी सारा सर
नंगा खोटों हित, संदील बटुआ मा धार
यूँ गनियों यखी -2
भूखी मोरी जौला
फूक तौन लोली छवीयुँ, डेरे मा लागोला -2
नायू नायू बयो छा, मीठि मीठि छवी लागोला -2

पैड़ली का बता लेया, बाक़ी बातन का चाया -2
बंदी कमचूस नवा, सुना ज़रा बैठा भवेंया
मोटोर मा पैठ रखी
मोटोर मा पैठरी सेअत मा बैतरोला
नायू नायू बयो छा, मीठि मीठि छवी लागोला -2
फूक तौन लोली छवीयुँ, डेरे मा लागोला -2

भोल परसूयू बीतीं, पूंगदियों जान तीन -2
कानू कवे ख़ाली छुचि, कुमली हाथ खुतियूँ
हाल एह चीन ज्वानी मा -2
बूढ़ें-दान क्या होला
फूक तौन लोली छुइउ, डेरे मा लागोला -2
नायू नायू बयो छा मीठि मीठि छवी लागोला -2

फूक तौन लोली छुइउ, डेरे मा लागोला -2
नायू नायू बयो छा मीठि मीठि छवी लागोला -2

Source: http://kandpalsubhash.blogspot.com/2008/02/blog-post_29.html

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नरेन्द्र सिंह नेगी का गीत एलबम चा ऐजदी भग्यानी

चिठ्युं का आखर अब ज्यू नि बेल मोंदा, बुसील्या रैबार तेरा आस नी बंधौन्दा -२
ऐजदी भग्यानी, ऐजदी भग्यानी -२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२

रांका बाल बाली काली रात नि ब्याणी, मेरी रात नि ब्याणी ।
रात नि ब्याणी, मेरी रात नि ब्याणी ।
उंसी का बुंदुन चुची तीस नि जाणी मेरी तीस नि जाणी ।
तीस नि जाणी मेरी तीस नि जाणी ।
पंद्रह पचिस्या दिन सदानि नि रौंदा -२
ऐजदी भग्यानी अर..र..र..र..र.र..र..रा..
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२

रुड्युं का घामुन खैरया आंसूनी सुखदा, भगी आंसूनी सुखदा ।
आंसूनी सुखदा, भगी आंसूनी सुखद ।
जेट की बरखा न पाडु छोयां नी फ़ुटदा भगी छोरि छोयां नी फ़ुटदा ।
छोयां नी फ़ुटदा छोरि छोयां नी फ़ुटदा ।
बारमास फ़ूल खिल्यां डाल्युं मां नि रौंदा-२
ऐजदी भग्यानी छांटो रे छाटो रे छांटो छाटो..
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२


आस को आसरो तेरी खुद ज्यूणो सारो, भगी खुद ज्यूणो सारो ।
खुद ज्यूणो सारो, भगी खुद ज्यूणो सारो ।
जथा हिटूं त्वे जथैईं बाटु फारु-फ़ारु, चुची बाटु फारु-फ़ारु ।
बाटु फारु-फ़ारु, चुची बाटु फारु-फ़ारु ।
मन का मन्युल बैठ बैठि नी पुरयोंदा -२
ऐजदी भग्यानी सरर.ररर... सरको रे सरको..
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२


दिलै सूण मैन मान घंघतोल म न पोड़, भगी घंघतोल म न पोड़ ।
घंघतोल म न पोड़, भगी घंघतोल म न पोड़ ।
धाकना धरी कि अऊ खैंचताणि छोड़, छोरि खैंचताणि छोड़ ।
खैंचताणि छोड़, छोरि खैंचताणि छोड़ ।
मोल भऊ जांचि पुछी माया नी मोल्योंदा -२
ऐजदी भग्यानी सा..बा.. से साबा.. से..
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा-२
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा, ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा ।
ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा, ऐजदी भग्यानी ईं ज्वानि का छौन्दा ।

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भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु

भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु । -२
हिटणु ऐथर हेरणु पैथर, हरकणु-फ़रकणु भलु लगदु भलु लगदु ।
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु । -२
हैसणु-हैसणु मयालु बच्याणु छुंयुँ मा अलझ्याणु भलु लगदु भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।

हाथ थमाली-थमाली कु बेंडुं , हाथ थमाली-थमाली कु बेंडु ।
तेरी कराली हिटायी बनुली , करिगे कोरी जिकुड़ी मा छेंडुं ।-२
हिटणु ऐथर हेरणु पैथर, हरकणु-फ़रकणु भलु लगदु भलु लगदु ।
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

खायी काखड़ी-काखड़ी मा लोण, खायी काखड़ी-काखड़ी मा लोण ।
मोहना तेरी छुंयुँ मा उलझी, मिन न घर न बण की रौण ।-२
हैसणु-हैसणु मयालु बच्याणु छुंयुँ मा अलझ्याणु भलु लगदु भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।

स्योन्दु सिंदुर-सिंदुर की बेंदी, स्योन्दु सिंदुर-सिंदुर की बेंदी ।
बनुली ब्याली तिन सेवा नि लायी, बनुली आज हुंगुरु नि दियेन्दी ।-२
हिटणु ऐथर हेरणु पैथर, हरकणु-फ़रकणु भलु लगदु भलु लगदु ।
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

भरी गागरी-गागरी मा पाणी, भरी गागरी-गागरी मा पाणी ।
गौं का बाटा-घाटो मा मोहना, लम्बी-लम्बी धवड़ी नि लाणी ।-२
हैसणु-हैसणु मयालु बच्याणु छुंयुँ मा अलझ्याणु भलु लगदु भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।

खाय़ी नारंगी-नारंगी की दाणी, खाय़ी नारंगी-नारंगी की दाणी ।
बनुली मेरा हिया मा तू छैयी , तेरा हिया मा कु होलु कु जाणी । -२
हिटणु ऐथर हेरणु पैथर, हरकणु-फ़रकणु भलु लगदु भलु लगदु ।
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

हौल निसुण-निसुण कु बाणु, हौल निसुण-निसुण कु बाणु ।
मेरी बिन्सरी की धाण छुटद , मोहना रात सुंया मि नि आणु । -२
हैसणु-हैसणु मयालु बच्याणु छुंयुँ मा अलझ्याणु भलु लगदु भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

source: http://kandpalsubhash.blogspot.com/2008/02/blog-post_29.html
 

 
 

 

सुनें लाईव पहाड़ी रेडियो

* <<अद्यतन क्रिकेट स्कोर>>

* <<सरकारी नौकरी सूचना>>

     मुद्रा विनिमय परिवर्तन

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