Welcome, Guest. Please login or register.

Login with username, password and session length

 

पहाड़ी फ़ोरम ट्विटर पर

* सदस्यों के सन्देश

Refresh History
  • Prabandhak: देली माँ मेरी कु धोली गे फुल्कंडि या गीतू की ,  कैन दिलयाये मैकू याद अरे उलराया रितु की,  कुछ ही दिन चन रयान , अब जुग जाण माँ ,  न फिर कैन बग्ड्वाल लाणो , न औणी याद कई भरना आर जीतू की   Dinesh Bijalwan
    March 14, 2013, 02:11:56 PM
  • Pankaj J: फेसबुक पाण्डेय काले कौव्वा, खाले, ले कौव्वा पूड़ी, मैं कें दे -ठुल-ठुलि या भल-भलि ले कौव्वा ढाल, दे मैं कें सुणो थाल, ले कौव्वा तलवार, बणे दे मैं कें होश्यार। – काले कौव्वा काले, मेरी घुघुती खाले।- आप सभी को मकर सक्रांति की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं
    January 13, 2013, 04:40:51 PM
  • Rajesh Joshi: .मंगलमय हो आपतैं, बल नयुं साल-2013, बद्रीविशाल जी की कृपा सी, जुगराजि रयन, हमारू कुमाऊँ- गढ़वाळ, दनकदु रयन आप, प्रगति पथ फर, चढ़दु रयन ऊकाळ,             (रचना: जगमोहन सिंह जयाड़ा "जिज्ञासु")+
    December 31, 2012, 12:06:21 PM
  • Prabandhak: "शेरदा अनपढ़" जी.. कविवर बौड़िक ऐन..  आखिर! आप कविवर, यीं धरती सी दूर, चलिग्यन, कुजाणि कख, कालजयी, कुमाऊनी कविताओं कू, सृजन करिक, अनंत की ओर.....  हमारा प्रिय स्वर्गवासी, जनकवि "गिर्दा" जी तैं, धरती का हाल बतैन, ऊँका चाण वाळौं की, विरह मा व्यथित, मन की बात बतैन, ह्वै सकु त फिर, "गिर्दा" जी का दगड़ा, नयुं शरीर धारण करिक, उत्तराखंड की धरती मा, कविवर बौड़िक ऐन..
    May 21, 2012, 02:25:47 PM
  • Prabandhak: प्रख्यात कुमाऊंनी कवि शेर सिंह बिष्ट यानि ’शेरदा अनपढ़’ का रविवार सायं निधन हो गया।  कुछ समय से बीमार चल रहे ७९ वर्षीय शेरदा ने अस्पताल में उपचार के दौरान अन्तिम सांस ली।  तीन अक्टूबर १९३३ को अल्मोड़ा के माल गांव में जन्मे शेरदा वर्तमान में हल्द्वानी की श्याम विहार कॉलोनी मुखानी में रह रहे थे।
    May 21, 2012, 09:46:48 AM
  • Prabandhak: मान्यवर   बुरांस परिवार की तरफ भटेय सादर सैमन्या अर  सेवा  श्रीमान जी  लोकभाषा (गढ़वली - कुमौनी अर जौनसारी )  की समस्या और समाधान थेय " कौथिग २०१२ " मा  मुंबई का प्रवासी उत्तराखंडी  समाज का बीच एक परिचर्चा का रूप मा ल्याणा की कोशिश मुंबई का बुरांस संगठन कु एक प्रयास ,लोकभाषा का क्षेत्र मा पिछला २५ बरसौं भटेय आंदोलनरत धाद संगठन का  " धाद लोकभाषा एकांश "  की विमर्श श्रंखला  "आखिर कनकै  बचऽलि भाषा " मा हम आप्थेय लोक भाषा प्रेमी और बुद्धिजीवी  का रूप मा आपक वैचारिऽक उपस्थिति का वास्ता  सादर न्यूतणा छौं ,   कार्यक्रम मा आपकू आणु और आप्की भागीदारी थेय बुरांस परिवार अप्डू  सौभाग्य सम्झलू  कार्यक्रम मा आप्की जग्वाल रैली  शुभकामनाओं  दगड आपकू अप्डू गीतेश सिंह नेगी जग्वाल मा :  बुरांस परिवार मुंबई ,धाद लोकभाषा एकांश व कौथिग परिवार मुंबई संपर्क सूत्र : ०८७९१५६११०८,०९६१९००४७९७
    April 23, 2012, 12:44:33 PM
  • Editor Garhwali: Mujib Naithani सेमन्या उत्तराखण्ड..बल ..अगर आपको हाई प्रोफाईल ड्रामा सिखना हो तो कांग्रेस से सीखो ..बल ..केंद्र में आते ही सौ दिन का एजेंडा कई दिन मीडिया में चला ..बल अब तो कई सौ दिन बीत गए पर एजेंडा बल पता नि कख हर्ची गे / वनी एक मंत्री दीदा आते ही हवाई फायर हो गए ये तैयार करो ...वो..बड़ी बड़ी बातें ..बल ..लम्बी लम्बी गप्प ..मुझे स्कूल की दैनिक रिपोर्ट चाहिए ..बल इन लगणु च की मंत्री दीदा पहाड़ी नि छन /बल ..किले...
    April 11, 2012, 02:30:16 PM
  • VINOD GARIYA: "कौ लाटा आण काथा, सुण काला तु , अनाड़िल घट लगाई, दौड़ डुना तु"
    December 26, 2011, 04:29:54 PM
  • Admin: नय्या पीढ़ी आपनी पछाण भुल्या धारा नौला आपना पहाड़ भुल्या  गौं में कि भुल्यु चेलो इसके बतुछ बस द्वी आँखा चार हाड भुल्या  भोट मांगन घर घर डेली उनान सब कॉल करार इन गंज्याढ़ भुल्या  "गुमनाम पिथौरागढ़ी "
    December 25, 2011, 09:49:06 AM
  • Rajesh Joshi: कुमाऊँनी रिस्त... माँ - इजा पापा - बौज्यू भाई - भै बहन - बैणि दादा, नाना - बूबू दादी, नानी - आमा चाचा - कग चाची - काखि ताई - ज्यार्ज पड़ोसी - आमा, बूबू, बोजि या पै नानतिन.. बाकि मैंस तो सब प्लेन्स जै रयीं डबल कमूणे लिजी !
    October 05, 2011, 10:09:20 PM

फोरम के आगंतुकों की संख्या  

Website counter

* सर्वाधिक प्रविष्टिकर्ता सदस्य

Editor Garhwali
1180 Posts
Editor Kumauni
609 Posts
Girish
525 Posts
Rajesh Joshi
389 Posts
धनेश कोठारी धनेश कोठारी
331 Posts

* नवीनतम सदस्य

* सर्वाधिक देखे गये टॉपिक

* << पहाड़ी फोरम कैलेण्डर >>

May 2013
Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat
1 2 3 4
5 6 7 8 9 10 11
12 13 14 15 16 17 18
19 20 21 22 [23] 24 25
26 27 28 29 30 31

No calendar events were found.

Author Topic: प्रबंध शास्त्री(Mangament Guru) - भीष्म कुकरेती(Bhishm Kukreti)  (Read 1485 times)  Share 

Offline Editor Garhwali

  • Moderator
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1180
    • View Profile
Mangement Guru -30
प्रबंध शास्त्री - 30

थिओडोर लेविट : मार्केटिंग को महत्व बथाण वाळ
Theodore Levitt : Who Put Marketing in First t Place
Notes on General management Guru, , Notes on Managemnt Thinkers and Bright Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, )
Bhishm Kukreti
थिओडोर लेविट (१९२५-२००६, दगड्यों बीच टेड ) क लेख 'मार्केटिंग मायोपिया' (१९६०) न ब्यौपार अर व्यौपार- अकादमी संसार
मा धमाका कार. जै टैम पर उत्पादन काम छौ अर मांग जादा छे वै बगत पर थिओडोर लेविट क 'मार्केटिंग मायोपिया' लेख न
अकादमी विद्वानु अर ब्यापारियुं तैं सुचण पर मजबूर कार बल मार्केटिंग को भौत इ महत्व च. इनी लेविट कु लेख
'ग्लोबलाइजेसन ऑफ़ मार्केट्स' (१९८३) से सन १९४४ मा सुच्युं शब्द 'ग्लोबलाइजेसन' तैं ब्यापारिक अर अकादमिक
संसार मा प्रचार अर प्रसार मील.
थिओडोर लेविट कु जनम जर्मनी मा ह्व़े छौ अर वो अपण परिवार को दगड जर्मनी छोड़िक अमेरिका आई.
थिओडोर लेविट ण हार्वर्ड बिजिनेस स्कूल मा तीस साल तलक मार्केटिंग पढ़ाई अर जग प्रसिद्ध हार्वर्ड बिजिनेस रिव्यू क
पांच साल तक संपादक बि राई
थियोडोर को मनण छौ बल बगैर मार्केटिंग तैं महत्व दियां क्वी बि बड़ो बिजिनेस तैं सफलता नि मील सकदी .मार्केटिंग मायोपिया
लेख का बाद थिओडोर न मार्केटिंग मुतालिक अकादमीय विद्वानु अर ब्यापारिक प्रबन्धकुं तैं कथगा इ विधाऊ से परिचय कराई
थिओडोर लेविट तैं कथगा इ प्रसिद्ध संस्थानु न पुरुष्कार देन
Books and Artilces by Theodore Levitt
Artilce, which created stir in business world, 'Marketing Myopiya', 1960
Another article 'Globalization of Markets' 1983, popularized the word 'Globalization' in the business world.
1- Innovation in Marketing : New perspectives for Profit and Growth, 1962
2-Marketing for Business Growth, 1974
3- The Marketing Imagination, 1983
4- Thinking about Management, 1991


हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -31 मा बाँचो
Management Guru, management Thinkers Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti

Offline Editor Garhwali

  • Moderator
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1180
    • View Profile
Mangament Guru -31
प्रबंध शास्त्री - 31


कुर्ट लेविन : बदलौ प्रबंधन अर ग्रुप डाईनेमिक्स को धड्वे
Kurt Lewin: Change Management and Group Dynamics Fame
(Notes on General management Guru, , Notes on Managemnt Thinkers and Bright Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, )
Bhishm Kukreti
कुर्ट लेविन (१८९०-१९४७ ) की खोज अर सिद्धांत अबि बि औचित्यपूर्ण अर संगत छन.
जर्मनी मा जनम्युं कुर्ट लेविन औ नाम सामाजिक मनोविज्ञान मा बड़ो आदरणीय च .
बर्लिन वि.वि बिटेन पीएच. ड़ी कार अर फिर वुखी पढ़ाण बिसे गे पण १९३२ मा कुर्ट तैं
जर्मनी छुड़ण अर अमेरिका मा बसण पोड़.
नेतृत्व का ढंगढाळ /शैली अर शैली को प्रभाव
लिप्पिट, व्हाईट क दगड कुर्ट न नेतृत्व क ढंग ढाळ पर खोज (१९३९) आर अर पाई की
तीन तरां का नेतृत्व हूंद :
१- डेमोक्रेटिक, प्रजातंत्री नेतृत्व
२-ऑटोक्रेटिक , निरंकुश नेतृत्व
३- लाइसेज -फेयर , ठीक ठाक बस
यूँ तीन सामाजिक मनोविग्यानकों न पाई बल प्रजातांत्रिक नेतृत्व जादा सटीक अर सफल ढंग च
ग्रुप मा निर्णय लीण
दुसर विश्व जुद्ध को परांत कुर्ट न अमेरिकी सरकार का वास्ता एक खोज करे अर पाई
कि बदलाव करद दें लोगूँ/सदस्यों तैं योजना, विधि बणाण दें शामिल करे जाव त बदलाव चौड़ /जल्दी
बि औंद अर बदलौ ल़ाण मा औसंद/अट्वांस /कठिनाई बि कम आन्द
वातावरण को सदस्यों क स्क्यात/शक्ति पर प्रभाव
कै बि संगठन या समूह मा कुछ फ़ोर्स काम करदन अर य़ी फ़ोर्स काम कु क्षेत्र
क वातावरण से प्रभावित हुन्दन
* आचरण वातावरण को फल च
*कबि बि निरीक्षण या समीक्षा पूरो काम को हूण चएंद ना कि काम क टुकड़ो क
हाँ ! हरेक टुकडा पूरो तैं प्रभावित करदो
* ठोस व्यक्ति याने ठोस काम
बदलाव नमूना /मॉडल का तीन सूत्र
कुर्ट लेविन क बदलौ बदलू नमूना या चेंज मॉडल आज बि संगत च अर या बिगळी/अलग
बात च कि मानो विज्ञानिकुन इख मा कुछ बदलाव कौरिन पण आधारिक नमूना
कुर्ट का इ हूंद
१- बदलाव की तैयारी : यीं स्थिति मा पैल त नेतृत्व तैं बदलाव तैं स्वीकार करण पोडद ,
फिर बद्लौ की तैयारी कौरिक हौर्युं तैं बि बदलाव का बान तैयार करण पोडद. बदलाव क्वी
बि ह्वाऊ सद्यानी इ बदलाव मा पैल पैल आराम से कम-आराम की स्थिति से भेंट हुंदी अर यो इ
आराम अर कम-आराम की स्तिथि लोगूँ तैं बदलाव से दूर करदी
२- संक्रमण काल या बदलाव: बदलाव एक घटना णि होंदी बल्कण मा एक विधि/प्रोसेस होंद.
जब बदलाव की तैयारी से बदलाव क तरफ कदम बढ़ये जान्दन त,बदलाव हुंद अर यो बि
एक संक्रमण काल कु समौ हूंद. संक्रमण काल कठण समौ होंद जख मा लोक बदलाव विधि
सिखदन, लोक विधि तैं समजण मा टैम लगांदन , बदलाव तैं अपण्यान्दन, अफु तैं अनुकरण
लैक बणान्दन. इख मा उच्च प्रबंध पंगत तैं तौळ वाळऊं तैं पूरो समर्थन दीण जरुरी च .
३- बदलाव को टिकण: तीसरी स्तिथि मा बदलाव अपण जगा मा जमी जांद याने बदलाव
अपण उद्देश्य पूर्ति करण बिसे जांद, बदलाव अब एक सत्य ह्व़े जांद.
ट्रेनिंग ग्रुप (टी-ग्रुप)
कुर्ट लेविन ट्रेनिंग ग्रुप या टी-ग्रुप क खोजी बि छौ . जब कै बि काम /खेल मा
अलग अलग ग्रुप आन्दन त हरेक ग्रुप अलग अलग आचरण करदन अर
उदेश्य पूर्ति बान अलग अलग ग्रुपुं मा एका करणे खास विधि होंद.
एक्सन रिसर्च
कुर्ट लेविन क टी ग्रुप अर एक्सन रिसर्च कु आपस मा मा सम्बन्ध च .
एक्सन रिसर्च मा कुर्ट को बोल ण च बल कार्य क बान खोज औ बान
कार्यकर्ताओं को शामिल हूण जरुरी च
Books by Kurt Levin
1- Resolving Social Conflicts : Selected Papers on Group Dynamics, 1948
2- Field Theory in Social Science (Edited by Dowrwin), 1952


हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -32 मा बाँचो
Management Guru, management Thinkers Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti

Offline Editor Garhwali

  • Moderator
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1180
    • View Profile
Mangament Guru -32
प्रबंध शास्त्री - 32


अब्राहम मासलो : मानवीय जरुरात को जणगरु
Abraham Maslow : Famous for The Heiarchy of Needs
(Notes on General management Guru, , Notes on Managemnt Thinkers and Bright Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, )
Bhishm Kukreti
अब्राहम मासलो 'थिओरी ऑफ़ हैरार्की ऑफ़ नीड्स' क बान प्रसिद्ध च .
महान मनोवैज्ञानिक अर आचरण वैज्ञानिक अब्राहम मासलो (१९०८-१९७०)अमेरिकौ वासिन्दा छौ.
अब्राहम क मनिखों पांच आधारभूत जरोरत की चर्चा आज क्या भोळ बि होली .
मासलो न बताई बल य़ी पाँच आवश्यकता मनुष्य का वास्ता प्रोत्साहन दायी/प्रोत्साहन मूलक छन
१- ज़िंदा रौणे आवश्यकता : खाणक , पाणी, झुल्ला, कूड, गर्मी अर निंद जन आवश्यकता ज़िंदा रौणे जरूरी छन
२- सुरक्षा, बचाव, जमानत: सुरक्छा, बचाव, जमानत आदि दुसर महत्वपूर्ण आवश्यकता च
३-सामाजिक आवश्यकता; गाँव गौळ मा रौणे याने समाज मा रौणे आवश्यकता बि जरुरी च
४- अहम् तुष्टि भावना : चौथी आवश्यकता अहम् तुष्टि च गर्व, मान, सम्मान , आदर सत्कार आदि बि
जरुरी ह्व़े जान्दन.
५- अंतर्मन या आत्म संतुष्टि : जब सौब कुछ प्राप्त ह्व़े जाओ त मनिख आत्म संतुष्टि चांदो या आत्म संतुष्टि की
खोज मा जांद.
हरेक मनिख की आवश्यकता अलग अलग होन्दन अर वीं आवश्यकता /जरोरात तैं पछ्याणिक
मनुष्य तैं प्रोत्साहन दिए जाण चएंद
Books by Abraham Maslow
1- Motivation and Personality, 1987
2- The Further Reaches of Human Nature


हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -33 मा बाँचो
Management Guru, management Thinkers Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti

Offline Editor Garhwali

  • Moderator
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1180
    • View Profile
Mangament Guru -33
प्रबंध शास्त्री - 33


इल्टन मायो: कार्य-संतुष्टि कु महान प्रबंधन विचारक
Elton Mayo: Famous for The Hawthorne Experiments
(Notes on General management Guru, , Notes on Managemnt Thinkers and Bright Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, )
Bhishm Kukreti
ऑस्ट्रेल्यौ वासिन्दा इल्टन मायो (१८८०-१९४९) न अडेलैड वि.वि मा मनोविज्ञान पौढ़ अर
फिर क्वीन्सलैंड वि.वि मा मनोविज्ञान, दर्शन शाश्त्र को प्रोफ़ेसर बौण. १९२३ मा इल्टन मयो
अमेरिका ऐ गे अर पेनिसिल्वेनिया वि.वि मा प्रोफ़ेसर बौण. इख मायो तैं हावथोर्न कपड़ा मिल
मा कुछ खोज कु मौक़ा मील (१९२४-१९२८) . यीं मिल मा मजदुरूं टर्न ओवर २५० प्रतिशत छौ
जब की हौरी उद्योगों मा मजदूर टर्न ओवर मात्र चै प्रतिशत छौ ,
बाद मा मायो हार्वर्ड वि.वि मा प्रोफ़ेसर बि राई, अमेरिकी सरकार तैं उद्योगुं मा मजदूर
समस्याओं सलाहकार बि राई , अर इल्टन मायो पैथराँ ब्रिटेन मा बि सरकारों सलाहकार राई.
इल्टन मायो न प्रोत्साहन, नेतृत्व, कार्य-संतुष्टि आदि पर अप ण विचार देन जु आज बि कम आन्दन
*मजदूर संतुष्टि मा कामकाजी वतावरण महत्वपूर्ण होंद अर मजदुरूं स्वतन्त्रता भौत माने रखद
*एक हैंकाक विचार आदान-प्रदान, सहयोग से समूह मा एकता आन्द
* कार्य संतुष्टि , उत्पादकता खुणि तनख्वा से जादा सहयोग, अर गर्व की भावना महत्वपूर्ण होदन
Books by Elton Mayo
1- The Human Problems of an Industrial Civilization, 1946
2-The Second Problems of an Industrial Civilization , 1949

हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -34 मा बाँचो
Management Guru, management Thinkers Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti

Offline Editor Garhwali

  • Moderator
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1180
    • View Profile
Mangament Guru -34
प्रबंध शास्त्री - 34


डगलस मैकग्रेगोर :पूठों पर डंडा ('X ') अर पुल़े पुल़े क पटाणो ( 'य) 'सिद्धांत क बुबा जी
डगलस मैक्ग्रेगोर : 'X ' अर 'Y ' सिद्धांत का प्रतिपादक
Douglas Mcgregor: Faous For Theory X and Theory 'य'
(Notes on General management Guru, , Notes on Managemnt Thinkers and Bright Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, )
Bhishm Kukreti
डगलस मैकग्रेगोर (१९०६-१९६४) क नाम महान प्रबंध विचारूं मा आन्द. मैकग्रेगोर हार्वर्ड वि.वि मा पढान्द छौ.
डगलस का प्रोत्साहन का द्वी सिद्धांत आज बि चर्चित अर औचित्यपूर्ण छन
सिद्धांत एक्स या पूठों पर चटका /डंडा
एक्स सिद्धांत की धारणा छन :
१- साधारण मनिख काम पसंद नि करदो अर जख तक ह्व़े साको काम तैं टाळदो च
२- चूँकि मनिख काम नि करण चाँद त कम कराणो बान टैट/कठोर नियंत्रण, जोर- जबरदस्ती, दिशा बताण ,
अर डौर, डंड्याणे की जरुरत होंद
३- अब जब कि आम मनिख कम नि करण चाँद, दिशा की जरुरत वळ होंद त इन मनिख महत्वाकांक्षा हीन होंद
सिद्धांत 'वाई' माने पूल़े क काम हूंद
सिद्धांत 'वाई' मा धारणा छन :
१- काम की इच्छा इनी होंद जन खिलण या आराम करणे इच्छा. याने काम ही प्रोत्साहन को स्रोत्र छ
२-डंड , डौर ही से लोक काम करणो कोशिश नि करदन बल्कण मा स्व-दिशा अर स्व-नियंत्रण का तहत बि काम करदन
३-उदेश्य -प्रतिबद्धता को सम्बन्ध कार्यपूर्ति से मिलण वाळ इनाम /पुरूस्कार से च
४- जु वातावरण ठीक ह्वाऊ त मनिख सिखद बि च अर खिड जुमेवारी बि लीन्दु
५- लोकुं मा संस्थान की समस्या समाधान का वास्ता कल्पनाशीलता, उद्यम अर रचनाधर्मिता होंद च
६- आधुनिक उदोगुन मा , लोकु मा जथगा सामर्थ्य च वांक पूरो प्रयोग नि होंद.
Books by Douglas McGregor
1- The Human Side of Enterprise, 1960
2-Leadershipand Motivation, 1966
3- The Professional Manager , 1967


हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -35 मा बाँचो
Management Guru, management Thinkers Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti

Offline Editor Garhwali

  • Moderator
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1180
    • View Profile
Mangament Guru -35
प्रबंध शास्त्री - 35


हेनरी मिंट्ज बर्ग : प्रसिद्ध वहु विधाई प्रबंध शास्त्री
Henry Mintzberg: a Great Genralist
(Notes on General management Guru, , Notes on Managemnt Thinkers and Bright Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, )
Bhishm Kukreti
कनाडा मा जन्म्यु (१९३९) हेनरी मिंट्जबर्ग को नाम प्रबंध विज्ञान का भौत सी फान्क्युं (शाखाएं) मा प्रसिद्ध च.
कनाडा मा रेलवे मा काम करणों बाद हेनरी मिंट्जबर्ग मैक्कगिल्ल वि.वि मा प्रोफ़ेसर बौण.
हेनरी मिंट्जबर्ग ण भौत सी प्रबंध फान्क्युं/शाखाओं मा अपण सिद्धांत बतेन जन कि :
१- संस्थानु रूप /आकार
अ- सरल संस्थान
ब- मशीन जन संस्थान जख सौब काम औपचारिक रूप याने फोर्मल इ हूंद.
स- केन्द्रीय प्रशासन केन्द्रित संस्थान जख इकैयुं मा स्वतंत्रता बि होंद
द- प्रोफेसनल संस्थान जन अस्पताल, विश्व विद्यालय
इ. मिसिनरी संस्थान जख उद्देश्य/मिसन तैं सबे बड़ो मान मिल्द
२- प्रबंधक कन काम करदन : या पर बि हेनरी मिंट्जबर्ग ण ल्याख अर चर्चित ह्व़े
१- मैंनेजरूं काम नियम, अनियम, अनियमित -योजनाबद्ध अर नियमित-योजनाबद्ध सबि मिलैक हूंद
२- मैंनेजर विशेषग्य अर गैर विशेषग्य होंद
३-मनेजर सौब जगा बिटेन सूचना लींद पण विश्वास सुणि बतुं पर करद
४- मैंनेजरूं काम मा- वीरता, विविधता, अर खंडितता होन्दन
५-प्रबंधकरण क काम विज्ञान से जादा कलाकारि /कौंळ का हूंद
६- आजकर प्रबंधक को काम जादा जटिल हूणु च
३- सूचना का प्रकार
हेनरी मिंट्जबर्ग ण तीन तरा का सूचना बठैन , मोनिटर , भैर बिटेन भितर आण वाळ सूचना अर भितर बिटेन भैर आण वाळी सूचना
४- निर्णय
हेनरी मिंट्जबर्ग क बुलण च बल निर्णय की जरोरत विशेष रूप से यूँ जगा मा पोडद :
अ-बदलाव ल़ाणे, बदलाव क शुरुवात, बदलाव क टैम पर अनुकरण ,
ब- गडबडी टैम पर
स- संसाधनु बितरण
द- समझौता क बगत
रणनीति , योजना अर प्रयोजना
अ- विधि
आ- डाटा एकत्रीकरण , संकलन
इ- मूल बातुं ज्ञान, , सामूहिकता अर प्रतिबद्धता
ई- रण नीति योजना को फल नी च बल्कण मा पवाण/ शुरुवात च
Books By Henry Mintzberg
1- The Nature of Mangerial Work, 1973
2-The Structuring of Organization : A Synthesis of the Research , 1979
3-Structures in Fives: Desgning Effective Organizations, 1983
4-Power in and Around Organizations, 1983
5-Mintzberg on Management: Inside our Strange World of Organizations, 1989
6- The Rise and Fall of Strategic Plnning , 1994
7-Stretegy Process: Concept , Contexts, Case, 1996
8- Mangers not MBAs, 2004
यांक अलावा अतः किताब और बि छपी गेन


Management Guru का बारा मा फड़कि -36 मा बाँचो
Management Guru, management Thinkers Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti

Offline Editor Garhwali

  • Moderator
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1180
    • View Profile
Mangament Guru -36
प्रबंध शास्त्री - 36


इकुजीरो नोनाका; ज्ञान को निर्माण को धड्वे
Ikujiro Nonaka : Famous for Knowledge Management
(Notes on General management Guru, , Notes on Managemnt Thinkers and Bright Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, )
Bhishm Kukreti
इकुजीरो (१९३५) क जनम जापान मा ह्व़े जख वैन हितोत्सूबाशी वि.वि मा पढाई अर पैथराँ
कैलिफोर्निया वि वि मा पढ़ाणो अमेरिका आई.
इकुजीरो नोनाका अर हिरोताका न ज्ञान पर संसार तैं कथगा इ नया विचार दिने .
द्वी तरां ज्ञान
१- स्पष्ट या भैरो ज्ञान : इकुजीरो नोनाका अर हिरोताका को मानण च बल पश्चमी ज्ञान औपचारिक, संदेहहीन,
सिस्टेमेटिक , वैज्ञानिक ढंग को होंद. अर जादातर डाटाउन पर निर्भर होंद
२- भीतरी ज्ञान : दुनिया क पूरबी खंड को ज्ञान अंतर्मन निर्भर, अनुपौचारिक, अस्पष्ट , होंद
दुयूं क मानण च बल द्वी ज्ञान एक हांका क सहायक छन जन कुंजी अर ताळउ
SECI मॉडल
इकुजीरो नोनाका अर हिरोताका न ज्ञान प्रबंधन क बारा मा एक मॉडल दे जो ज्ञान प्राप्ति अर ज्ञान तैं काम मा
ल़ाणो बान भौत इ प्रिसद्ध मॉडल च
१-सामाजिकीकरण (socialization )
२-वाह्यीकरण (Externalization )
३- जुड़ण, मेल करण (combination )
४- अंतरिकीकरण (Internalization )
Books by Ikujiro Nonaka
1- The Knowledge -Creating Company: how japanese Companies Create The Dynamics of Innovation
(with Hirotaka Takeuchi), 1995


Management Guru का बारा मा फड़कि -37 मा बाँचो
Management Guru, management Thinkers Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti

 

सुनें लाईव पहाड़ी रेडियो

* <<अद्यतन क्रिकेट स्कोर>>

* <<सरकारी नौकरी सूचना>>

     मुद्रा विनिमय परिवर्तन

* <<<<<------->>>>>